Android IOS koi bi Mobile app kaise banta hai | how to make android or IOS app in hindi 2021

दोस्तों आझ हम जाने गए क मोबाइल app कैसे बनता है और कौनसा तरीका सभ से Better हे एंड्राइड एप्प या IOS App बनाने का . इस आर्टिकल को भट म्हणत से लिखा गया है तो कृपया पूरा पाध्ये Soआपको सभ अचे से पता चल जाये

Android IOS koi bi Mobile app kaise banta hai | how to make android or IOS app in hindi 2021

इस article में हम जानेंगे की android app development क्या है और android app को कितने तरीके से develop कर

सकते हैं और सबसे बेहतर तरीका कोन सा है।

देखा जाए तो android app बनाने के बहुत सारे तरीक़े होते है लेकिन आज हम उनमे से सबसे सरल  और प्रभावी तरीको को

जानेंगे बिल्कुल आसान भाषा मे  अगर आपको android app कैसे बनाए इसका A भी नहीं पता है तो आपको फिकर 

करने की जरूरत नहीं है क्यूकि ये article ऐसे लोगो को ही ध्यान मे रख कर लिखा गया है तो आपको इस article को पढ़ कर

apps को बनाने  का आइडिया हो जाएगा।

क्या आप अपना first app बनाने के liye excited हैं  तो इंतजार किस बात  का है चलिये अब हम इसके बारे मै विस्तार से

जानते हैं ताकि आप अपना first  app बिना किसी रूकावट के बना सके।

 

अब हम उन तरीको की बात करेंगे जिसका use करके के  हम app बना सकते हैं ।

app dvelopment काफी broad फील्ड होती हैं इसमे app को develop करने के बहुत से तरीक़े हैं अगर हमे android app

को भी develop करना है तो इसके भी बहुत तरीक़े हैं और ये app भी 3 प्रकार के होते हैं।

#1 Native App

ये app सिर्फ एक ही प्लैटफ़ार्म के लिए बनता है ऐसा नहीं होगा की आप android app बनाए हो तो आप इसको ios के

playstore aur microsoft के store मे भी publish कर सकते हो ये सिर्फ और सिर्फ android के playstore per publish हो

सकता है

#2 Cross-Platform App

जैसा की इसके नाम से पता चल रहा है की ये cross pltform पर चलेगा मतलब आपको एक बार code करना होगा और आप

इसको  किसी भी platform पर पब्लिश कर सकते हैं और इसको बनाने के लिए बहुत से टूल्स आप use कर सकते हैं उढाहरण

के लिए  =>

#1  flutter(by google)

#2   React Native(by facebook)

#3  Xamarin(by microsoft)

#3 Hybrid App 

ये भी cross-platform से मिलता-जुलता हैं क्यूकि ये भी ज्यादा से ज्यादा devices पर work करने के लिए बनाया जाता है

लेकिन इसमे web-based technology का use किया जाता है इसके कुछ उदाहरण देखते हैं।

#1 Javascript

#2 CSS

#3  HTML

 

लेकिन इस article मै हम native android app की बात करेंगे ज़्यादातर किसी भी काम को करने के दो तरीक़े होते हैं एक

आसान और एक  कठिन इसी प्रकार android app ko बनाने के भी  दो तरीक़े होते हैं आप जरूरत के हिसाब से कोई एक चुन

सकते हैं।

 

#1 android app को android studio मै coding करके  कैसे बनाते हैं

ये तरीका बहुत टाइम लेता है और इसमे आपको patience रखकर  सारी चीज़ों को  लगातार सीखते रहना होगा इसको सीखने

मे  कीतना टाइम लगेगा ये इस बात  पर depend करता है की आप इस चीज़ को कितना टाइम देते हैं । 

लेकिन android app development कैसे करें ये जानने से पहले ये जानना भी जरूरी है की android app को बनाने

का एक organized process क्या है और ये process सारे apps और web development में same होता है।

#1 Creating the idea

ये software development की प्रक्रिया में हमारा पहला कदम होता है क्यूकी जब तक हमे ये नहीं पता होगा की क्या बनाना है

तब तक हम app कैसे बना सकते हैं जब हमे कोई आइडिया मिल जाता है तो हम उस आइडिया को implement करके app

बनाते हैं ।

हमे हमेशा MVP को लॉंच करना चाहिए यह एक बेस्ट प्रैक्टिस होती है ।

 MVP को launch करना एक बेस्ट practice इसलिए होता है क्यूकी इससे हमे आइडिया मिल जाता है की ये product मार्केट

में  चलेगा या नहीं इसमे हम app को analyse करने के लिए कम से कम investment के साथ इसे बनाते हैं फालतू के खर्चो से

बच जाते हैं अगर user का response अच्छा मिला ताऊ हम इसका बेस्ट version बनाना स्टार्ट कर सकते हैं।

#2 Sketching

जब अच्छा सा आइडिया मिल जाएगा तो उस आइडिया को पेपर पर draw करना चाहिए । और companies मे ideas को

paper पर draw करके CEO को दिखाकर feedback लिया जाता है।

#3 Wireframing

यह ux designer द्वारा बनाया जाता है और इसमे sketching के मुक़ाबले ज्यादा डीटेल में चीजे बनती हैं  इससे project के

cost को कम किया जा सकता है क्यूकी wireframing से पता चलता है की कोन सी चीज़ कहा होगी और अगर ये हमारी

जरूरत को नहीं पूरा करता है ताऊ हम एक और wireframe बना सकते हैं क्यूकी ये बहुत मुस्किल काम नहीं होता है अगर

वही हम सीधे app ही बनाने लगेंगे ताऊ हमे बहुत बार उसमे बदलाव करने होंगे जिसमे बहुत ज्यादा मेहनत और टाइम लगता

है।

#4 graphic designing

इसमे हम app कैसा दिखेगा कलर कैसा होगा बटन का size क्या होगा सब कुछ design कर लिया जाता है।


#5 Code&Programming

इसमे हम app को बनाते हैं अपनी technical skill का use करके।

अब इन सारी चीज़ों को implement करने के लिए app development भी आना चाहिए तो हम android app dvelopment

को कैसे सीखे इसके लिए कुछ स्टेप  देखते हैं 

किसी programming langugage को सीखना

android app को  develop करने के लिए ज़्यादातर java kotlin और c++ का use hota लेकिन आप किसी भी

programming language का basic सीख सकते हैं ।

#1 Java 

android app को develop करने के लिए सबसे पहले java का use हुआ था और आप java में development करते हैं तो 

इसकी support community बहुत बड़ी है java पहली official language थी। java को sun-micro system द्वारा बनाया

गया था और यह एक high level programming laguage है।

#2 kotlin 

kotlin को google ने may 2017 मई official language बनाया और ये code को काफी हद तक कम कर देती है ताऊ इसमे 

code करने से code कम होते हैं java के मुक़ाबले। यह एक general purpose programming laguage होती है और

इसको  jetbrain द्वारा बनाया गया था । अगर आप ये सोच रहे होंगे ये java के code को ज्यादा से ज्यादा कितना छोटा बनाता

होगा तो इसको समझने के लिए एक उढाहरण को देखते जिससे आपको इस बात का आइडिया मिल जाएगा की code कितना

छोटा बन जाता हैं।

Java code 

class Details {

      private String name;

      private String job;

     

     public String getName(){

             return name;

       }

 

    public void setName(String name){

          this.name = name ;

      }

    public String getJob(){

           return age;

     }

    public void setJob(String job){

        this.job = job;

    }

  }

Kotlin code

  

    data class Details (var name:String , var job:String)

तो आप देख सकते हैं जिस code को लिखने के लिए java मई हमने कई लाइन के code लिखे लेकिन उसी code को

kotlin मे सिर्फ एक लाइन में लिख दिये।

#3 XML(Extensible Markup Language)

इसका use app के UI&UX के साथ काम करने के लिए होता है इससे हम user interface को design करते हैं तो इसका

basic ज्ञान होना भी बहुत जरूरी है। ये HTML के जैसा ही होता है  HTML की कमियो को पूरा करने के लिए इसको बनाया

गया  था। XML एक case-sensitive language है और इसका इस्तेमाल एचएम डाटा को स्टोर और organize करने के लिए

भी करते हैं XML के format इसनों तथा computer दोनों ही आसानी से पढ़ सकते हैं। और XML को W3C (World Wide

Web Consortium) द्वारा बनाया गया था।

#2 बिना coding के android app बनाना

बिना coding किए app बनाने के लिए बहुत ही website हैं जिसका use करके app बना बना सकते हैं तो उनमे से कुछ

website के बारे मे जानते हैं। non-coder जो app बनाना चाहते है उनके लिए काफी अच्छा है इन website use karke हम

छोटे buisness के लिए app बना सकते हैं। और इसके फायदे ये होते हैं की बिना technical skill के भी app बना sakte हैं।

#1  Appypie

वैसे तो  बहुत सी website हैं बिना code किए app बनाने के लिए लेकिन appypie को सबसे अच्छा app bulider के लिए 10

million लोगो ने vote किया था  यहा पर आप drag and drop करके कुछ ही मिनट में app को बना सकते हैं 

Appypie के features

अगर हम सारे feature के बारे में जानने लगेंगे तो list बहुत लंबी हो जाएगी तो जाएगी इसलिए हम कुछ जरूरी features को ही

देखेंगे

#1 push notifications

#2 Hyper Local Integration

#3 CRM Integration

#4 App Analytics 

#5 Virtual & Augmented Reality

#6  SMS Messaging

#7 Source Control

#8  Data Collection 

#9 Debugging 

#10 Design Management

appypie के फायदे

#1 इसका use karna काफी आसान होता है।

#2  यह 10 भाषा में उपलब्ध है अगर कोई गलती होती है तो यह उसको highlight करता है और इसमे कई भाषाओ में app

बना सकते हैं।

#3 यह IOS ,Android और भी प्लैटफ़ार्म को सपोर्ट करता है और इसमे आप admob का use करके ads भी दिखा सकते हैं।

#4  किसी भी layout का backgroud ,picture और कलर को आसानी से edit कर सकते हैं

#5 और इसमे हम खुद के custom code को भी  add कर सकते  हैं।

appypie के नुकसान 

#1 price बहुत ज्यादा है पहले महीने के लिए free trial होता है और अगर आप इसका basic  version को खरीदेंगे तो 36$

एक महीने के लिए देना पड़ेगा और इसी तरह आपको gold version के लिए 72$ एक महीने का और Premium version को

1 महीने के लिए 120$ pay करना होगा जो की बहुत ही महंगा है।

#2 खराब quality के डिज़ाइन ।

#3 appypie भले ही ये क्लैम करें की उनके website का use करके हम tinder जैसे app आसानी से बना सकते हैं लेकिन

आपको इसके लिए third-party का use करना पड़ता है।

#4 और app को पब्लिश करने के अलग charges होते हैं।

#5 appypie ये कहता है की आप काफी आसानी से app को बना सकते लेकिन ये पूरा सच नहीं है अगर आप कोई external

चीजे use करेंगे ताऊ आपको चीज़ों को सीखने में टाइम लगेगा।

#2  BulidFire

इसकी मदत से हम shopify के लिए आसानी से वैबसाइट बना सकते हैं और इसकी pricing feature के हिसाब से होती हैं।

Build fire के feature 

#1Access Controls/Permissions

#2 Compatibility Testing

#3 Debugging

#4 Deployment Management

#5 Design Templates

#6 Drag & Drop

#7  Mobile Development

#8 No-Code

#9 Prototype Creation

#10 features library

Build fire के फायदे 

#1  इसमे बिल्कुल आसानी से edit कर सकते हैं और app को आसानी से बना सकते हैं।

#2  यह beginner के लिए बहुत ही अच्छा होता है क्यूकी इसको समझना काफी आसान होता है beginner के लिए।

#3 इससे हमारा बहुत टाइम बच जाता हैं।

Build fire के नुकसान

 #1 app के बहुत से feature अच्छे से वर्क नहीं करते हैं।

#2  और जो feature दिये रहते हैं वो भी अच्छे से वर्क नहीं करते हैं user को basic features में भी satisfy कर पाये।

#3 जीतने ज्यादा page और data बढ़ते हैं तब app crash करने लगता हैं।

#4 इसमे भी कुछ टाइम लगता है सारी चीज़ों को समझ कर app को बनाने में।

#5 खराब customer सर्विस।

non-coders के लिए कुछ और वैबसाइट का नाम जिसका उस करके आप बिना coding के app बना सकते हैं।

#1 Composer Pro

#2  AppInstitute

#3  Andromo

#4 Thunkable

#5 Adalo

अगर आप किसी app को बना कर उससे business करना  चाहते या फिर कोई start-Up करना चाहते हैं  तो इन website

का use करके app न बनाए।

अगर आप कोई android ios और web app बनवाना चाहते अपने start-up के लिए तो आप  इस लिंक पर क्लिक करके

हमे contact कर सकते हैं।  https://www.facebook.com/AvdeshYadavDeveloper

What's Your Reaction?

like
0
dislike
0
love
0
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0